Nifty 50 ने 200 DMA तोड़ा, बाजार में बढ़ी चिंता
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे सत्र में तेज गिरावट दर्ज की गई।
Nifty 50 ने अपना 200 DMA (200 Day Moving Average) नीचे की ओर ब्रेक कर दिया, जो तकनीकी नजरिए से एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक संकेत माना जाता है।
BSE Sensex में भी 1000 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
200 DMA को लॉन्ग टर्म ट्रेंड का मजबूत सपोर्ट माना जाता है। इसके नीचे टिकना आगे और गिरावट का संकेत दे सकता है।
सेक्टर प्रदर्शन IT और Oil & Gas को छोड़ बाकी सब लाल
हालांकि IT और Oil & Gas सेक्टर में सीमित खरीदारी देखने को मिली, लेकिन:
- FMCG
- ऑटो
- रियल्टी
- बैंकिंग
- फार्मा
इन सभी सेक्टरों में भारी बिकवाली का दबाव रहा।

बाजार गिरने के मुख्य कारण
FII की भारी बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिक्री बाजार पर दबाव बना रही है। हाई वैल्यूएशन और ग्लोबल अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशक जोखिम कम कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव
United States और Iran के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अप्रत्यक्ष बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका।
इससे ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ा और बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (Risk-Off Sentiment) देखी गई।
रुपये में कमजोरी
डॉलर की बढ़ती मांग के चलते भारतीय रुपये में हल्की गिरावट आई।
- रुपया 90.9475 प्रति डॉलर पर खुला
- पिछले बंद भाव 90.9050 था
- दोपहर में 90.5 के आसपास कारोबार
कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ा सकता है और बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
टेक्निकल संकेत क्या कहते हैं?
- 200 DMA के नीचे क्लोजिंग = Bearish Bias
- अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे टिकता है तो अगला सपोर्ट 1–2% नीचे हो सकता है
- शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की संभावना
निवेशकों के लिए रणनीति
घबराकर बिक्री से बचें
मजबूत बैलेंस शीट वाले शेयरों पर ध्यान दें
हाई बीटा और ओवरवैल्यूड स्टॉक्स से दूरी रखें
SIP निवेशक लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण बनाए रखें
