Persistent Systems का Nagarro अधिग्रहण जानिए इस डील की कीमत

Persistent Systems का Nagarro अधिग्रहण

भारतीय आईटी कंपनी Persistent Systems ने अपने वैश्विक कारोबार को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी Nagarro SE का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव दिया है। इस अधिग्रहण के लिए पर्सिस्टेंट की सहायक कंपनी Galaxy Germany Holding ने नागारो के सभी बकाया शेयर खरीदने के लिए प्रति शेयर 81 यूरो नकद की पेशकश की है। यह एक वॉलंटरी पब्लिक टेकओवर ऑफर है और इसे किसी भारतीय आईटी सेवा कंपनी द्वारा किए गए सबसे बड़े विदेशी अधिग्रहणों में से एक माना जा रहा है।

मार्केट प्राइस से काफी ऊंचा ऑफर

पर्सिस्टेंट सिस्टम्स द्वारा दिया गया ऑफर नागारो के मौजूदा बाजार मूल्य की तुलना में काफी आकर्षक है। यह प्रस्ताव 25 जून के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 140% अधिक और पिछले तीन महीनों के वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) से करीब 94% अधिक है। इस अधिग्रहण प्रक्रिया के 2026-27 की चौथी तिमाही (Q4CY26) या 2027-28 की पहली तिमाही (Q1CY27) तक पूरा होने की संभावना जताई गई है।

सबसे बड़े शेयरधारक का मिला समर्थन

इस डील को बड़ी मजबूती तब मिली जब Nagarro के सबसे बड़े शेयरधारक Lantano Beteiligungen GmbH ने अपनी लगभग 21% हिस्सेदारी बेचने पर सहमति दे दी। इससे इस अधिग्रहण प्रस्ताव के सफल होने की संभावना और मजबूत हो गई है।

Nagarro के बोर्ड ने भी किया समर्थन

नागारो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और सुपरवाइजरी बोर्ड दोनों ने इस प्रस्तावित अधिग्रहण का समर्थन किया है। कंपनी ने संकेत दिया है कि अंतिम ऑफर डॉक्यूमेंट की समीक्षा के बाद दोनों बोर्ड अपने शेयरधारकों को इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की सिफारिश करेंगे। इससे स्पष्ट होता है कि नागारो का शीर्ष प्रबंधन इस रणनीतिक सौदे को सकारात्मक रूप से देख रहा है।

बनेगी एक बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी

यदि यह अधिग्रहण पूरा हो जाता है, तो Persistent Systems और Nagarro मिलकर एक बड़ी वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी का निर्माण करेंगे। संयुक्त कंपनी का:

  • वार्षिक राजस्व लगभग 2.9 बिलियन डॉलर होगा।
  • कंपनी में 46,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत होंगे।
  • कारोबार 40 से अधिक देशों में फैला होगा।

यह अधिग्रहण पर्सिस्टेंट सिस्टम्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और बाजार हिस्सेदारी दोनों में मजबूत करेगा।

यूरोप में मजबूत होगी पकड़

वर्तमान में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की कुल आय में यूरोप की हिस्सेदारी लगभग 9% है। लेकिन नागारो के अधिग्रहण के बाद यह बढ़कर करीब 22% तक पहुंच सकती है। वहीं, संयुक्त कंपनी के कुल राजस्व में उत्तर अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 62% बनी रहने की उम्मीद है। इससे कंपनी का भौगोलिक विविधीकरण मजबूत होगा और यूरोपीय बाजार में उसकी उपस्थिति काफी बढ़ जाएगी।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह अधिग्रहण पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम साबित हो सकता है। इससे कंपनी को:

  • यूरोप में मजबूत बाजार पहुंच,
  • बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स तक पहुंच,
  • डिजिटल इंजीनियरिंग और AI क्षमताओं का विस्तार,
  • और लंबी अवधि में बेहतर ग्रोथ अवसर मिल सकते हैं।

हालांकि, किसी भी बड़े अधिग्रहण की तरह इसमें इंटीग्रेशन, लागत और निष्पादन से जुड़े जोखिम भी मौजूद रहेंगे।

डिस्क्लेमर यह जानकारी केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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